संविदा शाला शिक्षक सैलरी को लेकर आमतौर पर कई लेख में अलग-अलग सालों का अलग आंकड़े दिखाई देते हैं। इसका मुख्य कारण यह है, कि मध्य प्रदेश में संविदा शाला शिक्षक की व्यवस्था समय के साथ बदलती रहती है।
नीचे पुराने संविदा नियमों यानी ग्रेट 1/2/3 की व्यवस्था से और उसके बाद हुए बदलाव को अलग-अलग समझाया गया है। इसलिए मैंने आपको पुराने आंकड़ों से लेकर नए आंकड़ों के बारे में सभी स्वरूप से सैलरी के बारे में नीचे बतया हैं।
Table of Contents
MP Samvida Shala Shikshak की Salary कितनी थी
| Grade | 2005 में निर्धारित contractual remuneration |
| Grade 1 | ₹4,500 |
| Grade 2 | ₹3,500 |
| Grade 3 | ₹2,500 |
नोट : लेकिन ये ऐतिहासिक संविदात्मक पारिश्रमिक हैं, न कि 2026 में किसी नई भर्ती के लिए स्वतः लागू वेतन।
MP Samvida Shala Shikshak की नए Salary
सातवें वेतन आयोग (7th Pay Commission) और राज्य शासन के नियमों के अनुसार 2026 में वर्ग-वार संभावित/अनुमानित मासिक वेतन संरचना इस प्रकार है:
| वर्ग / पद | बेसिक पे (Basic Pay) | अनुमानित कुल इन-हैंड सैलरी (प्रति माह) |
| वर्ग 3 (प्राथमिक शिक्षक) | ₹25,300 | ₹32,000 – ₹37,000 |
| वर्ग 2 (माध्यमिक शिक्षक) | ₹32,800 | ₹38,000 – ₹44,000 |
| वर्ग 1 (उच्च माध्यमिक शिक्षक) | ₹36,200 | ₹58,000 – ₹65,000 |
2026 में इन पुराने सैलरी के आंकड़ों को क्यों नहीं इस्तेमाल करना चाहिए
2008 के नियमों में योग्य स्मिता शाला शिक्षक के लिए 3 साल की नियुक्ति अवधि की पूरी करने और निर्धारित कंडीशन पूरी करने के बाद अध्यापक संवर्ग में नियुक्त की व्यवस्था की गई थी।
इस व्यवस्था में पुराने grades को संबंधित Teaching Posts से जोड़ा गया था:
| Samvida Grade | संबंधित Adhyapak Samvarg पद |
| Grade 1 | Varishth Adhyapak |
| Grade 2 | Adhyapak |
| Grade 3 | Sahayak Adhyapak |
2026 में वास्तविक Salary जानने के लिए उस व्यक्ति का वर्तमान पद, Cadre और उस पर लागू Pay/Service rules देखना जरूरी है।
ग्रेड 1, ग्रेड 2 और ग्रेड 3 में क्या अंतर है
पुरानी व्यवस्था में तीन grades की qualification, responsibility और आगे की नियुक्ति व्यवस्था अलग थी।
Grade 1 को बाद में Varishth Adhyapak, Grade 2 को Adhyapak और Grade 3 को Sahayak Adhyapak के रूप में नियुक्त करने का प्रावधान 2008 के नियमों में दिया गया था।
इसलिए 2026 में “Grade 1 salary”, “Grade 2 salary” और “Grade 3 salary” को केवल तीन अलग-अलग salary amounts समझना अधूरा होगा।
यह समझना ज्यादा महत्वपूर्ण है कि contractual period के बाद शिक्षक किस cadre में जाता था और उस cadre के कौन से नियम लागू होते थे।

MP संविदा शिक्षक / अध्यापक संवर्ग: ऐतिहासिक संशोधन और वर्तमान वेतन विवरण
ऐतिहासिक संविदा मानदेय संशोधन (Historical Remuneration)
| Grade | 2005 मानदेय | संशोधित मानदेय | संबंधित अध्यापक पद |
| Grade 3 | ₹2,500 | ₹5,000 | Sahayak Adhyapak |
| Grade 2 | ₹3,500 | ₹7,000 | Adhyapak |
| Grade 1 | ₹4,500 | ₹9,000 | Varishth Adhyapak |
वर्तमान वेतन संरचना (2026 Current Salary Structure)
| वर्ग / पद | बेसिक पे (Basic Pay) | अनुमानित कुल इन-हैंड सैलरी (प्रति माह) |
| वर्ग 3 (प्राथमिक शिक्षक) | ₹25,300 | ₹32,000 – ₹37,000 |
| वर्ग 2 (माध्यमिक शिक्षक) | ₹32,800 | ₹38,000 – ₹44,000 |
| वर्ग 1 (उच्च माध्यमिक शिक्षक) | ₹36,200 | ₹58,000 – ₹65,000 |
मुख्य अंतर: पुरानी संविदा दरें केवल ऐतिहासिक संदर्भ के लिए हैं, जबकि वर्तमान वेतन 7वें वेतन आयोग के आधार पर दिया जाता है।
लेख का सोर्स : https://mpshaladarpan.com/
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Salary Structure कैसे समझें
पुरानी संरचना व्यवस्था :
इसमें पारिश्रमिक संविदात्मक/निश्चित प्रकृति का था और ग्रेड के आधार पर अलग-अलग राशि निर्धारित की गई थी।
बाद में शिक्षक-संवर्ग व्यवस्था :
योग्य शिक्षकों को अध्यापक संवर्ग में नियुक्ति हेतु निर्धारित शर्तें पूरी करने का प्रावधान दिया गया है।
इसलिए वर्तमान वेतन संरचना को ध्यान में रखते हुए केवल “संविदा शाला शिक्षक” कीवर्ड में स्थिरता नहीं है। वर्तमान पदनाम एवं लागू सेवा नियम सबसे महत्वपूर्ण हैं।
वर्गों (1, 2 और 3) की जॉब प्रोफाइल
वर्ग 1 (उच्च माध्यमिक शिक्षक – कक्षा 11वीं एवं 12वीं):
- अपना मुख्य विषय (जैसे गणित, भौतिक विज्ञान, साहित्य आदि) का विषय-विशेष (विषय-विशिष्ट) शैक्षणिक योग्यता।
- छात्रों को बोर्ड परीक्षा, उच्च शिक्षा और छात्रवृत्ति का दिशानिर्देश देना।
- प्रैक्टिकल लैब (लैब वर्क) और मूल्यांकन आकलन संचालन।
वर्ग 2 (माध्यमिक शिक्षक – कक्षा 6वीं से 10वीं):
- प्रमुख विषय (विज्ञान, गणित, सामाजिक विज्ञान, भाषा आदि) का अध्ययन और मुख्य शिक्षण देना।
- क्लास कंट्रोल, यूनिटिक टेस्ट लेना और बच्चों में विश्लेषण समझ विकसित करना।
- स्कूल की मस्जिद, सांस्कृतिक एवं सह-शैक्षणिक संकट का प्रबंधन करना।
वर्ग 3 (प्राथमिक शिक्षक – कक्षा 1ली से 5वीं):
- छोटे बच्चों को अध्ययन-लिखना (भाषा, पढ़ना-लिखना) और गणित सिखाना।
- खेल-खेल में और दिलचस्प गतिविधि (गतिविधि-आधारित शिक्षा) के बारे में पढ़ें।
- बच्चों की उपस्थिति (उपस्थिति), पोषण (मध्याह्न भोजन) और व्यक्तिगत विकास का ध्यान रखें।
2026 में MP Samvida Shala Shikshak Salary कैसे verify करें
ये चीजें check करें:
- वर्तमान designation क्या है?
- शिक्षक किस cadre में नियुक्त है?
- appointment/absorption किस आदेश के तहत हुआ?
- वर्तमान pay rules कौन से लागू हैं?
- latest departmental order क्या कहता है?
- salary slip में basic/pay और deductions क्या हैं?
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
मध्य प्रदेश में कॉन्ट्रैक्ट पर काम करने वाले स्कूल शिक्षकों की सैलरी में बढ़ोतरी कैसे तय की जाती है?
यह संबंधित नियुक्ति और लागू सेवा नियमों पर निर्भर करता है। पुरानी अध्यापक संवर्ग व्यवस्था में वेतन वृद्धि से संबंधित प्रावधान थे, लेकिन उन्हें हर वर्तमान शिक्षक पर स्वतः लागू नहीं माना जा सकता।
मध्य प्रदेश संविदा शाला शिक्षक को 3 साल बाद कितनी सैलरी मिलती है?
तीन साल बाद केवल सैलरी बढ़ने की बात नहीं थी। पात्रता और अन्य शर्तें पूरी करने वाले टीचर्स के लिए अध्यापक संवर्ग में नियुक्ति का प्रावधान था।
संविदा शिक्षक (उच्च माध्यमिक शिक्षक) कौन होते हैं?
कक्षा 11वीं और 12वीं को पढ़ाने के लिए नियुक्त उच्च माध्यमिक शिक्षक।
वर्ग 1 (उच्च माध्यमिक शिक्षक) के लिए क्या योग्यताएं होनी चाहिए?
शैक्षणिक: संबंधित विषय में Master’s Degree (PG) + B.Ed.
आयु: न्यूनतम 21 वर्ष
संविदा शिक्षक (वर्ग 1) कैसे बनें?
MPTET (वर्ग 1): पात्रता परीक्षा पास करें।
चयन परीक्षा: चयन परीक्षा में अच्छे अंक पसंद।
काउंसलिंग: मेरिट लिस्ट के आधार पर बिक्री।