राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) द्वारा आयोजित की जाने वाली राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET UG 2026) के लिए राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (NMC) ने आधिकारिक पाठ्यक्रम निर्धारित किया है। मेडिकल प्रवेश परीक्षा की तैयारी कर रहे सभी उम्मीदवारों के लिए अपडेटेड सिलेबस को समझना सबसे पहला और आवश्यक कदम है।
एनएमसी द्वारा संशोधित पाठ्यक्रम में एनसीईआरटी (NCERT) की नवीनतम पाठ्यपुस्तकों के अनुसार कई पुराने अध्यायों को पूरी तरह हटा दिया गया है, जबकि व्यावहारिक (Practical) अनुप्रयोगों से जुड़े कुछ नए विषय जोड़े गए हैं।
इस लेख में आपको NEET 2026 के लिए भौतिक विज्ञान (Physics), रसायन विज्ञान (Chemistry) और जीव विज्ञान (Botany & Zoology) का सटीक टॉपिक-वाइज सिलेबस, एग्जाम पैटर्न और आधिकारिक पीडीएफ डाउनलोड करने की पूरी जानकारी मिलेगी।
Table of Contents
NEET 2026 Syllabus से क्या हटा और क्या जुड़ा? (महत्वपूर्ण बदलाव)
तैयारी शुरू करने से पहले यह जानना जरूरी है कि किन अध्यायों पर अब समय नहीं लगाना है:
- जीव विज्ञान (Biology): पाचन एवं अवशोषण (Digestion and Absorption), पौधों में परिवहन (Transport in Plants), खनिज पोषण (Mineral Nutrition), और पर्यावरणीय मुद्दे (Environmental Issues) जैसे अध्याय हटा दिए गए हैं। मेंढक और कीटों (जैसे तिलचट्टा) से जुड़े व्यावहारिक पहलुओं को स्पष्ट किया गया है।
- रसायन विज्ञान (Chemistry): ठोस अवस्था (Solid State), गैसीय व द्रव अवस्थाएं (States of Matter), भूतल रसायन (Surface Chemistry), धातुओं के निष्कर्षण के सिद्धांत (Metallurgy), हाइड्रोजन, s-ब्लॉक तत्व, पॉलिमर (Polymers), और दैनिक जीवन में रसायन हटा दिए गए हैं। प्रैक्टिकल केमिस्ट्री के परीक्षणों पर भार बढ़ाया गया है।
- भौतिक विज्ञान (Physics): संचार प्रणाली (Communication Systems), रोलिंग मोशन के कुछ हिस्से, और ट्रांजिस्टर हटा दिए गए हैं। प्रायोगिक भौतिकी (वर्नियर कैलिपर्स, स्क्रू गेज, मीटर ब्रिज आदि) से जुड़े प्रश्नों को प्राथमिकता दी गई है।
NEET Exam Pattern 2026 (परीक्षा पैटर्न व अंक विभाजन)
NEET UG की परीक्षा पेन-पेपर (ऑफलाइन OMR) मोड में आयोजित की जाती है। परीक्षा में कुल 720 अंकों के 200 प्रश्न पूछे जाते हैं, जिनमें से उम्मीदवारों को 180 प्रश्न हल करने होते हैं।
| विषय (Subject) | सेक्शन A (अनिवार्य प्रश्न) | सेक्शन B (वैकल्पिक: 15 में से 10 करें) | कुल प्रश्न हल करने हैं | कुल अंक |
| भौतिक विज्ञान (Physics) | 35 | 15 (10 हल करें) | 45 | 180 |
| रसायन विज्ञान (Chemistry) | 35 | 15 (10 हल करें) | 45 | 180 |
| वनस्पति विज्ञान (Botany) | 35 | 15 (10 हल करें) | 45 | 180 |
| प्राणीशास्त्र (Zoology) | 35 | 15 (10 हल करें) | 45 | 180 |
| कुल (Total) | 140 | 40 | 180 | 720 अंक |
मार्किंग स्कीम: प्रत्येक सही उत्तर के लिए +4 अंक दिए जाते हैं, जबकि प्रत्येक गलत उत्तर पर -1 अंक काटा जाता है (Negative Marking)। अनुत्तरित प्रश्नों के लिए शून्य अंक मिलते हैं।

NEET Physics Syllabus 2026 in Hindi (भौतिक विज्ञान)
भौतिक विज्ञान के पाठ्यक्रम में मूलभूत सिद्धांतों, गणितीय गणनाओं और प्रायोगिक कौशलों का संतुलन रखा गया है:
| मुख्य यूनिट / टॉपिक | शामिल महत्वपूर्ण अवधारणाएं (Key Concepts) |
| भौतिक जगत और मापन | मात्रक और विमाएं, मापन में त्रुटियां, महत्वपूर्ण अंक, वर्नियर कैलिपर्स और स्क्रू गेज का उपयोग। |
| गतिकी (Kinematics) | सरल रेखा में गति, स्थिति-समय ग्राफ, सदिश (Vectors), समतल में गति, प्रक्षेप्य गति (Projectile Motion)। |
| गति के नियम | न्यूटन के गति के नियम, संवेग संरक्षण, घर्षण (Friction), वृत्तीय गति (Circular Motion)। |
| कार्य, ऊर्जा और शक्ति | कार्य-ऊर्जा प्रमेय, गतिज और स्थितिज ऊर्जा, संरक्षी बल, प्रत्यास्थ और अप्रत्यास्थ संघट्ट (Collisions)। |
| कणों के निकाय और घूर्णी गति | द्रव्यमान केंद्र, बल आघूर्ण (Torque), कोणीय संवेग और इसका संरक्षण, जड़त्व आघूर्ण (Moment of Inertia)। |
| गुरुत्वाकर्षण (Gravitation) | केप्लर के नियम, न्यूटन का गुरुत्वाकर्षण नियम, गुरुत्वीय त्वरण ($g$) और ऊंचाई/गहराई के साथ बदलाव, पलायन वेग, उपग्रह गति। |
| ठोस और तरल पदार्थों के गुण | हुक का नियम, यंग मापांक, श्यानता (Viscosity), स्टोक्स का नियम, पृष्ठ तनाव (Surface Tension), बर्नौली का प्रमेय। |
| ऊष्मागतिकी (Thermodynamics) | ऊष्मीय संतुलन, ऊष्मागतिकी के शून्य, प्रथम एवं द्वितीय नियम, समतापी और रुद्धोष्म प्रक्रम, कार्नो इंजन। |
| दोलन और तरंगें | सरल आवर्त गति (SHM), सरल लोलक, तरंग संचरण, अनुदैर्ध्य और अनुप्रस्थ तरंगें, तरंगों का अध्यारोपण, बीट्स और डॉपलर प्रभाव। |
| स्थिरवैद्युतिकी (Electrostatics) | कूलॉम का नियम, विद्युत क्षेत्र, विद्युत द्विध्रुव, गाउस का नियम, विद्युत विभव और धारिता (Capacitors)। |
| धारा विद्युत (Current Electricity) | ओम का नियम, प्रतिरोधों का संयोजन, किरचॉफ के नियम, व्हीटस्टोन ब्रिज, मीटर ब्रिज, विभवमापी। |
| विद्युत धारा के चुंबकीय प्रभाव और चुंबकत्व | बायो-सावर्ट नियम, एम्पीयर का परिपथीय नियम, गतिमान आवेश पर बल, साइक्लोट्रॉन, पृथ्वी का चुंबकत्व, चुंबकीय पदार्थ। |
| विद्युतचुंबकीय प्रेरण और प्रत्यावर्ती धारा | फैराडे के नियम, लेंज का नियम, भंवर धाराएं, स्वप्रेरण व अन्योन्य प्रेरण, LCR परिपथ, ट्रांसफार्मर। |
| विद्युतचुंबकीय तरंगें | विस्थापन धारा, विद्युतचुंबकीय स्पेक्ट्रम और इसके व्यावहारिक अनुप्रयोग। |
| प्रकाशिकी (Optics) | किरण प्रकाशिकी: परावर्तन, अपवर्तन, गोलीय दर्पण, लेंस फॉर्मूला, प्रिज्म, सूक्ष्मदर्शी और दूरबीन। तरंग प्रकाशिकी: हाइगेंस का सिद्धांत, व्यतिकरण (Interference – YDSE), विवर्तन (Diffraction)। |
| विकिरण और द्रव्य की द्वैत प्रकृति | प्रकाश विद्युत प्रभाव (Photoelectric Effect), आइंस्टीन का समीकरण, दे-ब्रॉग्ली संबंध। |
| परमाणु और नाभिक | रदरफोर्ड और बोर का परमाणु मॉडल, हाइड्रोजन स्पेक्ट्रम, द्रव्यमान क्षति, बंधन ऊर्जा, नाभिकीय विखंडन और संलयन। |
| इलेक्ट्रॉनिक उपकरण (Semiconductors) | p-n जंक्शन डायोड, अग्र व पश्च अभिनति, दिष्टकारी (Rectifier), LED और सौर सेल के आधारभूत कार्य। |
| प्रायोगिक कौशल (Practical Skills) | मीटर स्केल, वर्नियर कैलिपर्स, स्क्रू गेज, सिंपल पेंडुलम, मीटर ब्रिज, और प्रिज्म के अपवर्तनांक मापन से जुड़े व्यावहारिक प्रश्न। |
NEET Chemistry Syllabus 2026 in Hindi (रसायन विज्ञान)
एनएमसी द्वारा युक्तिसंगत (rationalized) किए जाने के बाद रसायन विज्ञान को तीन मुख्य शाखाओं में विभाजित किया गया है:
1. भौतिक रसायन (Physical Chemistry)
- रसायन विज्ञान की कुछ मूल अवधारणाएं: मोल संकल्पना, आणविक द्रव्यमान, स्टोइकोमेट्री और गणनाएं, सांद्रता इकाइयाँ (मोलरता, मोललता, मोल अंश)।
- परमाणु संरचना: बोर का मॉडल, क्वांटम संख्याएं, पाउली का अपवर्जन सिद्धांत, हुंड का नियम, ऑफबाऊ नियम, कक्षकों की आकृति।
- रासायनिक ऊष्मप्रवैगिकी (Thermodynamics): तंत्र और परिवेश, आंतरिक ऊर्जा, एन्थैल्पी, एन्ट्रॉपी, हेस का नियम, गिब्स मुक्त ऊर्जा और स्वतःस्फूर्तता (Spontaneity)।
- रासायनिक और आयनिक संतुलन: रासायनिक साम्यावस्था, ले शातेलिए का सिद्धांत, अम्ल-क्षार सिद्धांत (आर्रेनियस, ब्रोंस्टेड, लुईस), pH स्केल, बफर विलयन, विलेयता गुणनफल ($K_{sp}$)।
- रेडॉक्स अभिक्रियाएं: ऑक्सीकरण संख्या, रेडॉक्स समीकरणों को संतुलित करना (इलेक्ट्रॉन एवं आयन-इलेक्ट्रॉन विधि)।
- विलयन (Solutions): विलयनों के प्रकार, राउल्ट का नियम, आदर्श और अनादर्श विलयन, अणुसंख्य गुणधर्म (वाष्प दाब अवनमन, क्वथनांक उन्नयन, हिमांक अवनमन, परासरण दाब), वांट हॉफ गुणांक।
- रासायनिक गतिकी (Chemical Kinetics): अभिक्रिया वेग, वेग नियम, कोटि और आणविकता, समाकलित वेग समीकरण (शून्य और प्रथम कोटि), अर्द्ध-आयु, सक्रियण ऊर्जा और आर्रेनियस समीकरण।
2. अकार्बनिक रसायन (Inorganic Chemistry)
- तत्वों का वर्गीकरण एवं आवर्तिता: आधुनिक आवर्त सारणी, परमाणु त्रिज्या, आयनन एन्थैल्पी, इलेक्ट्रॉन लब्धि एन्थैल्पी, विद्युतऋणात्मकता की प्रवृत्तियां।
- रासायनिक आबंधन और आणविक संरचना: आयनिक और सहसंयोजक बंध, लुईस संरचना, VSEPR सिद्धांत, संकरण ($sp, sp^2, sp^3, sp^3d$), आणविक कक्षक सिद्धांत (MOT – $O_2, N_2$ के लिए), हाइड्रोजन बंध।
- p-ब्लॉक तत्व: समूह 13 से 18 के तत्वों का सामान्य इलेक्ट्रॉनिक विन्यास, प्राप्ति, भौतिक व रासायनिक प्रवृत्तियों का तुलनात्मक अध्ययन।
- d- और f-ब्लॉक तत्व: संक्रमण तत्वों के सामान्य लक्षण, ऑक्सीकरण अवस्थाएं, रंगीन आयन, चुंबकीय गुण, उत्प्रेरकीय गुण, लैंथेनॉइड और ऐक्टिनॉइड आकुंचन (Contraction)।
- उपसहसंयोजन यौगिक (Coordination Compounds): वर्नर का सिद्धांत, लिगेंड, उपसहसंयोजन संख्या, IUPAC नामकरण, संयोजकता बंध सिद्धांत (VBT), क्रिस्टल क्षेत्र सिद्धांत (CFT)।
3. कार्बनिक रसायन (Organic Chemistry)
- मूल सिद्धांत और तकनीकें: कार्बनिक यौगिकों का नामकरण (IUPAC), इलेक्ट्रॉनिक विस्थापन प्रभाव (प्रेरणिक, अनुनाद, अतिसंयुग्मन, इलेक्ट्रोमेरिक), मध्यवर्ती (कार्बोकैटायन, कार्बेनियन, मुक्त मूलक), समावयवता (संरचनात्मक और त्रिविम)।
- हाइड्रोकार्बन: एल्केन, एल्कीन, एल्काइन की निर्माण विधियां और रासायनिक गुणधर्म, मार्कोव्नीकॉफ और एंटी-मार्कोव्नीकॉफ नियम, एरोमैटिक हाइड्रोकार्बन (बेंजीन का इलेक्ट्रोफिलिक प्रतिस्थापन)।
- हैलोएल्केन और हैलोएरीन: क्रियाविधि ($S_N1$ और $S_N2$), प्रकाशिक घूर्णन, ग्रिग्नार्ड अभिकर्मक, पर्यावरणीय प्रभाव।
- ऑक्सीजन युक्त यौगिक:
- एल्कोहॉल, फीनॉल और ईथर: पहचान, अम्लीय प्रकृति, कोल्बे अभिक्रिया, राइमर-टीमैन अभिक्रिया।
- एल्डिहाइड, कीटोन और कार्बोक्सिलिक अम्ल: न्यूक्लियोफिलिक योग, एल्डोल संघनन, कैनिजारो अभिक्रिया, अम्लीय क्षमता की तुलना।
- नाइट्रोजन युक्त यौगिक (एमीन): प्राथमिक, द्वितीयक और तृतीयक एमीनों की पहचान, हॉफमैन ब्रोमामाइड निम्नीकरण, डायजोनियम लवण का संश्लेषण और अभिक्रियाएं।
- जैव-अणु (Biomolecules): कार्बोहाइड्रेट (ग्लूकोज, फ्रुक्टोज), प्रोटीन (पेप्टाइड बंध, प्राथमिक से चतुष्क संरचना), न्यूक्लिक अम्ल (DNA, RNA), एंजाइम और विटामिन का वर्गीकरण।
NEET Biology Syllabus 2026 in Hindi (जीव विज्ञान)
जीव विज्ञान NEET परीक्षा का सबसे अधिक अंक भार (360 अंक) वाला खंड है। इसमें वनस्पति विज्ञान (Botany) और प्राणीशास्त्र (Zoology) दोनों शामिल हैं:
| यूनिट का नाम | मुख्य विषय व बिंदु |
| जीव जगत में विविधता | सजीव के लक्षण, जैव विविधता, वर्गीकरण की आवश्यकता, तीन डोमेन, फाइव किंगडम वर्गीकरण (मोनेरा, प्रोटिस्टा, फंजाई, प्लांटी, एनिमेलिया), प्रमुख पादप व जंतु संघों के लक्षण। |
| पादप एवं जंतु संरचनात्मक संगठन | पुष्पी पादपों की आकारिकी (जड़, तना, पत्ती, पुष्पक्रम, फल एवं बीज), पादप शरीर रचना (एनाटॉमी – विभज्योतक और स्थायी ऊतक), जंतु ऊतक (उपकला, संयोजी, पेशीय, तंत्रिका) तथा मेंढक की आंतरिक कार्यप्रणाली। |
| कोशिका: संरचना और कार्य | कोशिका सिद्धांत, प्रोकैरियोटिक व यूकैरियोटिक कोशिका, कोशिकांग (माइटोकॉन्ड्रिया, गॉल्जी काय, क्लोरोप्लास्ट, राइबोसोम), कोशिका चक्र और कोशिका विभाजन (माइटोसिस और मियोसिस)। |
| पादप कार्यिकी (Plant Physiology) | उच्च पादपों में प्रकाश संश्लेषण (प्रकाशिक व अप्रकाशिक अभिक्रियाएं, $C_3$ और $C_4$ चक्र), पादप श्वसन (ग्लाइकोलाइसिस, क्रेब्स चक्र, ईटीएस), पादप वृद्धि एवं परिवर्धन (ऑक्सिन, जिबरेलिन, साइटोकाइनिन, एब्सिसिक एसिड, एथिलीन)। |
| मानव शरीर क्रिया विज्ञान (Human Physiology) | श्वसन और गैसों का विनिमय, शरीर के तरल और परिसंचरण (रक्त, हृदय चक्र, ईसीजी), उत्सर्जी उत्पाद और उनका निष्कासन (नेफ्रॉन कार्यप्रणाली), गमन एवं संचलन (जोड़, मांसपेशी संकुचन), तंत्रिका नियंत्रण एवं समन्वय। |
| जीवों में जनन (Reproduction) | पुष्पी पादपों में लैंगिक जनन (परागकण, बीजांड, दोहरा निषेचन, भ्रूण विकास), मानव जनन तंत्र (शुक्राणुजनन, अंडाणुजनन, मासिक धर्म चक्र, निषेचन व भ्रूणोद्भव), जनन स्वास्थ्य (गर्भनिरोधक उपाय, यौन संचारित रोग, ART तकनीकें – IVF, ZIFT)। |
| आनुवंशिकी और विकास | वंशागति के मेंडलीय नियम, अपूर्ण प्रभाविता, सहप्रभाविता, लिंग निर्धारण, आनुवंशिक विकार। वंशागति का आणविक आधार: डीएनए प्रतिकृति, अनुलेखन (Transcription), आनुवंशिक कोड, रूपांतरण (Translation), लैक ओपेरॉन। जैव विकास: डार्विनवाद, प्राकृतिक चयन, हार्डी-वेनबर्ग संतुलन। |
| मानव कल्याण में जीव विज्ञान | संक्रामक और गैर-संक्रामक रोग (मलेरिया, टाइफाइड, एड्स, कैंसर), प्रतिरक्षा प्रणाली (टीकाकरण, एंटीबॉडी), सूक्ष्मजीवों का घरेलू, औद्योगिक और सीवेज उपचार में उपयोग। |
| जैव प्रौद्योगिकी (Biotechnology) | जैव प्रौद्योगिकी के सिद्धांत और प्रक्रम (पुनर्योगज डीएनए तकनीक, प्रतिबंधन एंजाइम, पीसीआर), कृषि और चिकित्सा में जैव प्रौद्योगिकी के अनुप्रयोग (बीटी फसलें, आनुवंशिक रूप से निर्मित इंसुलिन, जीन थेरेपी)। |
| पारिस्थितिकी और पर्यावरण | जीव और समष्टियां (पारिस्थितिक अनुकूलन, जनसंख्या वृद्धि व अंतःक्रियाएं), पारितंत्र (उत्पादकता, अपघटन, ऊर्जा प्रवाह, पोषक पिरामिड), जैव विविधता और इसका संरक्षण (तप्त स्थल, स्वस्थानीय व परस्थानीय संरक्षण विधियां)। |
पिछले 3 वर्षों की NEET कट-ऑफ (श्रेणीवार न्यूनतम क्वालीफाइंग अंक)
तैयारी का स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित करने के लिए पिछले वर्षों की कट-ऑफ रेंज को समझना आवश्यक है:
| श्रेणी (Category) | NEET 2025 (अनुमानित स्कोर रेंज) | NEET 2024 (आधिकारिक स्कोर रेंज) | NEET 2023 (आधिकारिक स्कोर रेंज) |
| UR / EWS | 720 – 162 | 720 – 164 | 720 – 137 |
| OBC | 161 – 127 | 163 – 129 | 136 – 107 |
| SC | 161 – 127 | 163 – 129 | 136 – 107 |
| ST | 161 – 127 | 163 – 129 | 136 – 107 |
| UR / EWS – PwD | 161 – 144 | 163 – 146 | 136 – 121 |
| OBC / SC / ST – PwD | 143 – 127 | 145 – 129 | 120 – 107 |
ध्यान दें: ऊपर दी गई तालिका परीक्षा क्वालीफाई करने के न्यूनतम पर्सेंटाइल स्कोर को दर्शाती है। सरकारी मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस सीट सुरक्षित करने के लिए सामान्य वर्ग के छात्रों को 650+ का सुरक्षित लक्ष्य रखना चाहिए।
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NEET 2026 की तैयारी के लिए रणनीति
- कक्षा 9 और 10 से आधार तैयार करें: यदि आप 9वीं या 10वीं कक्षा में हैं, तो बोर्ड सिलेबस के साथ-साथ बेसिक साइंस (विशेष रूप से बेसिक गणित, गति के नियम, मोल संकल्पना और कोशिका विज्ञान) की समझ गहरी करें।
- 11वीं कक्षा से सुनियोजित शुरुआत: अधिकांश सफल छात्र 11वीं कक्षा से नियमित NEET केंद्रित तैयारी शुरू करते हैं। 11वीं का सिलेबस परीक्षा के 50% हिस्से को कवर करता है, इसलिए इसे मजबूत रखें।
- एनसीईआरटी (NCERT) पर 100% कमांड: बायोलॉजी और इनऑर्गेनिक केमिस्ट्री के लिए एनसीईआरटी की प्रत्येक पंक्ति और आरेख (Diagram) को बार-बार दोहराएं। 85-90% प्रश्न सीधे यहीं से बनते हैं।
- न्यूमेरिकल और फॉर्मूला शीट: फिजिक्स और फिजिकल केमिस्ट्री के सभी फॉर्मूलों की एक अलग डायरी बनाएं और प्रतिदिन 40-50 नए प्रश्नों को समय सीमा के भीतर हल करने का अभ्यास करें।
- मॉक टेस्ट और गलतियों का विश्लेषण: सप्ताह में कम से कम एक पूर्ण OMR-आधारित मॉक टेस्ट दें और गलत हुए प्रश्नों की ‘मिस्टेक नोटबुक’ बनाकर वीकेंड पर उनका रिवीजन करें।
NEET Syllabus 2026 in Hindi PDF Download कैसे करें
NEET Syllabus in Hindi PDF Download
- राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग की आधिकारिक वेबसाइट
nmc.org.inया NTA की वेबसाइटexams.nta.ac.in/NEETपर जाएं। - होमपेज पर “Public Notices” अथवा “Information Bulletin NEET (UG)” लिंक पर क्लिक करें।
- “NEET (UG) Updated Syllabus” वाले लिंक का चयन करें।
- स्क्रीन पर आधिकारिक पीडीएफ खुल जाएगी; इसे भविष्य के संदर्भ और प्रिंटआउट के लिए डाउनलोड कर सुरक्षित रख लें।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
प्रश्न 1: क्या NEET 2026 के सिलेबस में कोई बदलाव हुआ है?
उत्तर: हाँ, NMC द्वारा युक्तिसंगत किए गए नए पाठ्यक्रम के तहत लगभग 10-12 पुराने अध्यायों को भौतिक, रसायन और जीव विज्ञान से हटा दिया गया है। 2026 की परीक्षा पूर्णतः इसी संशोधित पाठ्यक्रम पर आधारित होगी।
प्रश्न 2: क्या NEET की तैयारी कक्षा 9वीं से शुरू करना फायदेमंद है?
उत्तर: बिल्कुल। कक्षा 9वीं से तैयारी शुरू करने का अर्थ भारी किताबें पढ़ना नहीं, बल्कि विज्ञान की बुनियादी अवधारणाओं, तार्किक सोच और गणितीय गणनाओं को मजबूत करना है, जिससे 11वीं में जाने पर दबाव नहीं रहता।
प्रश्न 3: NEET की तैयारी के लिए सबसे आदर्श क्लास कौन सी है?
उत्तर: NEET की समर्पित तैयारी शुरू करने का सबसे सही समय कक्षा 11वीं की शुरुआत है। दो वर्ष (कक्षा 11 और 12) का समय पूरे पाठ्यक्रम को दो बार दोहराने और टेस्ट सीरीज हल करने के लिए पर्याप्त माना जाता है।
प्रश्न 4: क्या NEET 2026 में निगेटिव मार्किंग होगी?
उत्तर: हाँ, NEET UG परीक्षा में प्रत्येक गलत उत्तर के लिए 1 अंक काटा जाता है (-1 Negative Marking), जबकि प्रत्येक सही उत्तर के लिए 4 अंक दिए जाते हैं।
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